Help



A woman used to work to run her house. He was 50 years old. His knee ached, 
but he had to work hard. She was going to her office as usual. He noticed 
that there was a huge crowd there. Then somehow she boarded the bus. The bus 
was also very crowded. Then they hear a woman's voice from behind. When she 
looked back, she was a working woman. Who gives them their seats, to sit. 
That woman sits there. After some time, the seat next to the woman vacates. 
So the elderly woman asks her to sit there, but she gives her seat to another 
woman who carries the child in her lap. After some time the woman also gets 
down at her station. The elderly woman again asks the working woman to sit on 
the seat. But again that woman gives a seat to an elderly man of 70 years in 
his place. After some time, that elderly person also gets down at his station.
Now the last station is about to arrive. Now there are fewer people on the bus. 
The elderly woman then asks him to sit, this time the woman sits next to him. 
Then that elderly lady asks him that you got the chance to sit on the seat so 
many times, but each time you gave the seat to other people. Then the working 
woman responded by laughing at them, which changed the thinking of that elderly 
woman. The working woman said that I am a poor woman in Mataji. I live my life 
as a laborer. Now I cannot help anyone with money, so whenever I can, I am happy 
to help people.

There are many difficulties in life,
And humans are afraid of living,
Don't know how between thousands of thorns,
A flower smiles while staying. 

 


सहायता


एक औरत अपने घर को चलाने के लिए नौकरी करती थी। उनकी उम्र 50 वर्ष थी। 
उनके घुटने में दर्द रहता था, लेकिन उन्हें मजबूरन काम करना पड़ता था। वह रोज 
की तरह अपने आफिस जा रही थी। उन्होंने देखा कि वहां पर काफी भीड़ थी। फिर 
वह किसी तरह बस पर चढी। बस में भी काफी भीड़ थी। फिर उन्हें पीछे से एक 
महिला की आवाज आती है। जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो वो एक मज़दूर महिला 
थी। जो उन्हें अपनी सीट दे देती है, बैठने के लिए। वह महिला वहां बैठ जाती हैं। कुछ 
देर बाद उस महिला के बगल वाली सीट खाली हो जाती है। तो वह बुजुर्ग महिला उसे 
वहां बैठने के लिए कहती हैं, लेकिन वह अपनी जगह एक दूसरी महिला को जो अपने 
गोद में बच्चे को लेकर रखतीं है, उन्हें सीट दे देती है। कुछ देर बाद वह महिला भी 
अपने स्टेशन पर उतर जाती है। वह बुजुर्ग महिला फिर से उस मजदूर महिला को सीट 
पर बैठने के लिए कहती है। लेकिन फिर से वह महिला अपने जगह एक 70 वर्ष के 
बुजुर्ग व्यक्ति को सीट दे देती है। कुछ देर बाद वह बुजुर्ग व्यक्ति भी अपने स्टेशन पर 
उतर जाते हैं।
अब आखिरी स्टेशन आने वाला होता है। अब बस में कम लोग होते हैं। वह बुजुर्ग महिला 
फिर उसे बैठने के लिए कहती है, इस बार वह महिला उनके बगल में जाकर बैठ जाती हैं। 
फिर वह बुजुर्ग महिला उससे पूछती है कि आपको इतने बार सीट पर बैठने का मौका मिला, 
लेकिन हर बार आपने दूसरे लोगों को सीट देदी। फिर उस मजदूर महिला ने उन्हें हंसकर 
जवाब दिया जिससे उस बुजुर्ग महिला की सोच ही बदल गयी। उस मजदूर महिला ने कहा 
कि माताजी में एक गरीब महिला हूं। में मजदूरी करके अपना जीवन बिताती हूं।  अब में किसी 
को पैसे से मदद नहीं कर सकती हूं, इसलिए जैसे भी हो पाता है में लोगों की मदद करके खुश 
हो जाती हूं। 

ज़िन्दगी मे कई मुशकिले आती है,
और इन्सान ज़िन्दा रहने से घबराता है,
ना जाने कैसे हज़ारो कांटो के बीच,
रह कर भी एक फूल मुस्कुराता है।

Help Help Reviewed by Guptajee Dilliwale on November 16, 2020 Rating: 5

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