Life Challenge

We are mostly disturbed in life in some way and consider our lives useless and we do not 
do what we should do because of which we lose those who are our own.

Let me explain to you through a story-

One person in a village was very pessimistic. He could not always meet the needs of his family
even after trying. After losing 1 day, he decided that I would leave all and leave. Then one
day all the family members were sleeping at night, so he went quietly from there and walked
along the river on the way. So there he saw that Mahatma Buddha and his disciples were sitting
there meditating and he thought that I also become a monk.
Then he went and requested Mahatma Buddha to make him his disciple, Mahatma Buddha made him his disciple. Then Mahatma Buddha and all his disciples started moving to another place, then under
a tree, Mahatma Buddha started resting and asked his disciple to go and get water for me from the
river. When he reached there, he saw that all the animals there were making convex rocks in the
water. Seeing the disciple, all the animals went from there.
After that the water was so dirty that it was not drinkable. The disciple went back to Mahatma
Buddha and started telling him that Gurudev that the water is not drinkable, in that water all the
animals have made a plight of water by turmoil. Then Mahatma Buddha said that you go once again
there and bring water for me. The disciple said as if he went to get water again, when he got there,
he could not believe his eyes. The water was very cold and clean, then he took water for Guruji from
there. He went to Guruji and went there and told Gurudev that at first the water was dirty but how
did I get clean water when I went again. Mahatma Buddha said that due to the upheaval of the animals, the mud which was on the surface of the water had come up, due to which the water was not drinkable at that time but after some time the mud was settled in the ground again all dirty things went. Due to which the water became cool and clear again. He was surprised to hear this. The same happens in our life whenever we face any problem, then we should not lose our patience at that time.



Because life itself means conflict, and if we find a solution to the problem peacefully at that time, then we can easily eliminate that problem. But man does not do so due to which he has to face many
difficulties. Hearing this, he realized his mistakes and started thinking that my problems were like
this water. I could easily solve it if I wanted to. But I left my family. Because of which my family
must have faced many difficulties. Then he requested Mahatma Buddha to give him permission to go to his family. Mahatma Buddha allowed him to leave. He then returned to his family and faced all the problems of his family and started laughing happily with his family.

🌸Do your own work instead of relying on others.🌸

🌸No matter how many good things you read or listen to, it is of no use unless we implement 
it ourselves.🌸

Friends, we learn from this story that we should always work patiently and face any difficulty whenever there is any problem because nothing is impossible in the world if we want to.





जीवन की चुनौती


हम लोग ज्यादातर किसी ना किसी तरह से जिंदगी में परेशान रहते हैं और अपने जीवन को 
बेकार समझते हैं और हम वह नहीं करते जो हमें करना चाहिए जिनकी वजह से हम उन्हें खो 
देते हैं जो हमारे अपने होते हैं।

चलिए मैं आपको एक कहानी के जरिए समझाता हूं-

एक गांव में एक व्यक्ति बहुत निराशावादी था । वे हमेशा कोशिश करके भी अपने परिवार का
जरूरतो को पूरा नहीं कर पाता था। 1 दिन हार कर उसने निर्णय लिया कि मैं सब् छोड़ छाड़
कर चला जाऊंगा। फिर 1 दिन रात में उसके परिवार के सभी लोग सो रहे थे तो वो चुपचाप
वहां से चला गया रास्ते में चलते-चलते नदी किनारे पहुंचा । तो वहां पर उसने देखा कि महात्मा
बुद्ध और उनके शिष्य वहां पर बैठकर ध्यान लगा रहे थे उसने सोचा मैं भी सन्यासी बन जाता हूं।
फिर उसने जाकर महात्मा बुद्ध से निवेदन किया कि वह उसे अपना शिष्य बना ले महात्मा बुद्ध ने
उसे अपना शिष्य बना लिया। फिर महात्मा बुद्ध व उनके सभी शिष्य दूसरी जगह पर जाने लगे
फिर एक पेड़ के नीचे जाकर महात्मा बुद्ध विश्राम करने लगे और अपने शिष्य से कहा कि जाकर
नदी से मेरे लिए पानी ले आओ उसने कहा जैसी आपकी आज्ञा प्रभु फिर वह नदी किनारे पानी
लेने गया जब वह वहां पहुंचा तो उसने देखा कि वहां सभी जीव जंतु पानी में उत्तल पुथल मचा रहे
थे । शिष्य को देखकर सभी जानवर वहां से चलें गए।
उसके बाद वह पानी इतना गंदा हो चुका था कि पीने लायक नहीं था। शिष्य वापस महात्मा बुद्ध
के पास गया और उनसे कहने लगा गुरुदेव वह पानी पीने योग्य नहीं है उस पानी में सभी जानवरों
ने उथल-पुथल करके पानी की दुर्दशा कर दी है । फिर महात्मा बुद्ध ने कहा कि तुम एक बार
दोबारा जाओ वहां पर और मेरे लिए पानी लेकर आओ। शिष्य ने कहा जैसी आपकी आज्ञा वह
दोबारा पानी लेने गया जब वहां पहुंचा तो उसे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। पानी एकदम
शीतल और साफ हो गया था फिर उसने वहां पर से गुरुजी के लिए पानी लिया। गुरुजी के पास
गया वहां जाकर उसने गुरुदेव से कहा पहले तो पानी गन्दा था लेकिन मेरे दोबारा जाने पर मुझे
वहां पर साफ पानी कैसे मिला। महात्मा बुद्ध ने कहा कि जानवरों के उथल-पुथल करने की वजह
से पानी के सतह पर जो कीचड़ थी वह ऊपर आ चुके थे जिस कारण उस समय पानी पीने लायक
नहीं था लेकिन थोड़ी समय बाद में कीचड़ सभी गंदी चीजें फिर से जमीन में स्थिर हो गए। जिस
कारण पानी फिर से शीतल और साफ हो गया। यह बात सुनकर वह आश्चर्यचकित हो गया।


ऐसे ही हमारी जिंदगी में भी होता है जब भी हमारे ऊपर कोई परेशानी आती है तो हमें उस समय
अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए । क्योंकि जीवन का मतलब ही संघर्ष है और अगर हम उस समय
शांतिपर्वक परेशानी का समाधान निकाले तो हम आसानी से उस परेशानी को खत्म कर सकते हैं।
लेकिन मनुष्य ऐसा नहीं करता जिस कारण उसे कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता
है। यह बात सुनकर उसे अपनी गलतियों का एहसास हुआ और वह सोचने लगा की मेरी परेशानियां
कुछ इस पानी की तरह ही थी। अगर मैं चाहता तो उसे आसानी से हल कर सकता था। लेकिन मैंने
अपने परिवार का साथ छोड़ दिया। जिस कारण मेरे परिवार वालों को कई कठिनाइयों का सामना
करना पड़ा होगा। तब उसने महात्मा बुद्ध जी से निवेदन किया कि वह उसे अपने परिवार के पास
जाने की आज्ञा दें। महात्मा बुद्ध ने उसे जाने की अनुमति दे दी। फिर वह अपने परिवार के पास लौट
गया और अपने परिवार की सभी परेशानियों का डटकर सामना किया और अपने परिवार के साथ
हंसी-खुशी रहने लगा।

🌸दुसरो पर निर्भर रहने के बजाय अपना काम खुद से करना चाहिए।🌸


🌸भले ही चाहे कितने अच्छी बातो को पढ़ ले या उन्हें सुन ले उसका तबतक फायदा नही है 
जबतक हम खुद उसपर अमल नही करते है।🌸


दोस्तों हमे इस कहानी से यह सीख मिलती है कि हमें हमेशा धैर्य से काम लेना चाहिए और कभी भी 
कोई परेशानी आए तो उसका डटकर सामना करना चाहिए क्योंकि अगर हम चाहें तो दुनिया में कोई 
भी चीज नामुमकिन नहीं है।


Life Challenge Life Challenge Reviewed by Guptajee Dilliwale on May 24, 2020 Rating: 5

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